मुझे अख़बारों की दुनिया में आए हुए बहुत दिन नही हुए । मैं अभी अदना सा हूँ । पर यह सोच कर परेशान हो रहा हूँ की अगर पुब्लिक को पता चल जाए की न्यूज़ रूम में क्या होता है तो मीडिया पर भरोसा करना छोड़ दे । हमारा काम खबरें देना है । खबरें गढ़ना नही । सच में लोकतंत्र के इस स्तम्भ को संभालना होगा । पब्लिक बहुत दिनों तक माफ़ नही करने वाली ।
भारतीय दर्पण टीम
गुरु तो गुरु ही होता है!!
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घँसू आज बड़े अचरज में था। वो तिवारी जी के लिए ऐसा समाचार लाया था कि उसे लगा
पहली बार ऐसा होगा जब तिवारी जी से ज्यादा वो जान रहा होगा।
उसने तिवारी जी ...
6 दिन पहले
2 टिप्पणियां:
आप जैसे युवाओँ से बदलाव आशा है. शुभकामनाऐं.
धोनी का कहना है "जिद करो दुनिया बदलो",लेकिन मै यही कहूँगा की "ख़ुद अपनी दुनिया बदलो."
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